एमएसएमई संशोधन विधेयक-2026 से आएगी नई क्रांति : कोसिया विदर्भ ने बताया गेमचेंजर

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COSIA

- विलंबित भुगतान की समस्या का होगा समाधान 
- कारोबार को मिलेगी नई गति
-  निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

31 जुलाई 2026          8.50 PM

नागपुर - कोसिया विदर्भ द्वारा आयोजित एमएसएमई डेवलपमेंट (संशोधन) विधेयक, 2026 पर एक विशेष पैनल चर्चा में इस विधेयक को देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक, दूरदर्शी एवं क्रांतिकारी सुधार बताया गया।कोसिया विदर्भ के अध्यक्ष सीए जुल्फेश शाह ने कहा कि यह विधेयक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे व्यापार करने में सुगमता बढ़ेगी, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी तथा वर्षों से लंबित भुगतान (Delayed Payments) की गंभीर समस्या का प्रभावी समाधान होगा।

उन्होंने कहा कि ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के लिए इनवॉइस फाइनेंसिंग को अनिवार्य बनाने तथा समयबद्ध मध्यस्थता एवं पंचाट (Arbitration) की व्यवस्था से एमएसएमई इकाइयों को शीघ्र भुगतान मिलेगा, कार्यशील पूंजी सुदृढ़ होगी तथा अनावश्यक मुकदमेबाजी में उल्लेखनीय कमी आएगी।

कोसिया विदर्भ के उपाध्यक्ष एवं विठोबा ग्रुप के प्रबंध निदेशक सुदर्शन शेंडे ने राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण प्लेटफॉर्म, सरल एमएसएमई पंजीकरण, ऑनलाइन विवाद निवारण, मध्यस्थता समझौतों को कानूनी मान्यता तथा प्रभावी वसूली तंत्र जैसे प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि ये सुधार भारत के एमएसएमई क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, आधुनिक, तकनीक -सक्षम और निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाएंगे।

सीए नितिन अलशी ने कहा कि पंचाट के निर्णय को चुनौती देने से पूर्व 75 प्रतिशत राशि जमा करने का प्रावधान निरर्थक मुकदमों पर अंकुश लगाएगा तथा वास्तविक एमएसएमई उद्यमियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आदित्य मंत्री एवं ललित कारेमोरे ने कहा कि यह विधेयक भारत सरकार की एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी, उद्यमिता को नया प्रोत्साहन मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कोसिया विदर्भ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस संशोधन विधेयक को शीघ्र लागू कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए, ताकि विशेष रूप से विदर्भ सहित देशभर के एमएसएमई उद्योग इन सुधारों का अधिकतम लाभ उठाकर भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।









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