बूटीबोरी फ्लाईओवर के पास 19.63 मीटर लंबे पोर्टल बीम का सफल निर्माण

Painter: Artist busy on his creative work

Maha-metro

30 जुलाई 2026             6.00 PM

नागपुर - महामेट्रो नागपुर ने फेज-२ के कार्यों को गति देते हुए, बूटीबोरी रेलवे ओवरब्रिज (RoB) के पास 19.63 मीटर लंबे सबसे बड़े पोर्टल बीम का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। यह जटिल कार्य एक अत्यधिक अभिनव तकनीक का उपयोग करके पूरा किया गया है। पोर्टल बीम का उपयोग मेट्रो मार्ग वायाडक्ट को सहारा देने के लिए उन स्थानों पर किया जाता है जहाँ सड़क के निचले हिस्से या बीच में पिलर बनाना संभव नहीं होता है।

खापरी से बूटीबोरी ईएसआर स्टेशन के बीच ऐसे कुल 18 पोर्टल बीम के निर्माण की योजना है। इस मार्ग का अधिकांश हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरता है, जहाँ सड़क के डिवाइडर से दोनों ओर 15 मीटर से अधिक की चौड़ाई है।

बूटीबोरी ओवरब्रिज के पहुंच मार्ग के पास 19.63 मीटर चौड़ा पोर्टल बीम बनाना आवश्यक था। यदि पारंपरिक तकनीक (Cast-in-situ) से मौके पर ही काँक्रीट डालकर यह कार्य किया जाता, तो अगले 2 से 3 महीनों के लिए इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती। इसलिए यातायात में बिना कोई बाधा उत्पन्न किए इस कार्य को पूरा करना महामेट्रो के इंजीनियरों के लिए एक बड़ी चुनौती थी।

इस समस्या का उपयुक्त समाधान निकालते हुए महामेट्रो के इंजीनियरों ने 'प्रीकास्ट प्रीस्ट्रेस्ड' (Precast Prestressed) पद्धति का उपयोग किया। यदि पूरा 19.63 मीटर का बीम एक ही बार में तैयार किया जाता, तो उसका वजन लगभग 252 मीट्रिक टन हो जाता। इतने भारी बीम का परिवहन करना और उसे क्रेन से उठाना बेहद कठिन होता, जिसके लिए पूरे ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ता।

इसलिए, इंजीनियरों ने इस बीम को दो भागों में विभाजित किया- एक भाग 9.5 मीटर (128 मीट्रिक टन) और दूसरा भाग 5.53 मीटर (63 मीट्रिक टन)। इन दोनों प्रीकास्ट भागों के बीच 1.0 मीटर की 'स्टिच अरेंजमेंट' (Stitch Arrangement) और दोनों छोरों पर 108 मीटर कंक्रीट का सहारा देकर पूरा 19.63 मीटर का बीम तैयार किया गया।

28 जुलाई की मध्यरात्रि 1 बजे से सुबह 5 बजे के बीच, मात्र 4 घंटे के भीतर 150 टन क्षमता की दो क्रेन की मदद से यह निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस कार्य से राष्ट्रीय राजमार्ग के यातायात पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इस पोर्टल गर्डर के सफल निर्माण से बूटीबोरी मेट्रो लाइन के काम को गति मिलेगी और इस लाइन को निर्धारित समय सीमा के भीतर शुरू करने में मदद मिलेगी।









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