SHCV
4 मई 2026 2.50 PM
नागपुर - क्षेत्र की अग्रणी व्यापारिक संस्थाओं, स्टील एंड हार्डवेयर चैंबर ऑफ विदर्भ (SHCV), हार्डवेयर डीलर्स एसोसिएशन (HDA), नागपुर टिम्बर मर्चेंट्स एसोसिएशन ( NTMA) तथा विदर्भ प्लाईवुड मर्चेंट्स एसोसिएशन (VPMA) ने संयुक्त रूप से आयकर अधिनियम, 2025 पर एक जानकारीपूर्ण एवं संवादात्मक सेमिनार का आयोजन किया।इस सेमिनार के मुख्य वक्ता प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए नरेश जाखोटिया (पार्टनर,एसएसआरपीएन एंड कं.) थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दीपेन अग्रवाल,अध्यक्ष, चेंबर ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड, योगेश बंग अध्यक्ष, ऑल भारत प्लाईवुड एंड लैमिनेट ट्रेड एसोसिएशन तथा उमेश पटेल,उपाध्यक्ष, नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. दीपेन अग्रवाल ने चारों व्यापारिक संगठनों की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार सदस्यों को नवीनतम नियमों एवं प्रावधानों से अवगत कराने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संजय अग्रवाल (अध्यक्ष, SHCV), हितेश लाड (अध्यक्ष, HAD), दिनेश पटेल (अध्यक्ष, NTMA) एवं अनिल सारडा (अध्यक्ष, VPMA) ने मुख्य वक्ता सीए नरेश जाखोटिया का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
अपने उद्घाटन वक्तव्य में सीए जाखोटिया ने कहा, “वर्तमान गतिशील कर प्रणाली में निरंतर ज्ञानार्जन एवं अनुपालन अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि व्यवसाय के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हो गया है।” उन्होंने बताया कि आयकर अधिनियम, 2025 वर्तमान कानून का व्यापक पुनर्गठन है, जो 64 वर्ष पुराने अधिनियम का स्थान लेते हुए अधिक सुव्यवस्थित एवं समेकित ढांचा प्रस्तुत करता है। नए अधिनियम में धाराओं, नियमों, उपबंधों एवं स्पष्टीकरणों की संख्या में कमी करते हुए इसे अधिक स्पष्ट एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है।
उन्होंने प्रमुख संरचनात्मक परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए “टैक्स ईयर” की अवधारणा, टीडीएस (TDS) प्रावधानों का समेकन, प्रपत्रों का सरलीकरण तथा दंडात्मक प्रावधानों के स्थान पर शुल्क-आधारित अनुपालन व्यवस्था जैसे विषयों को विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी कर व्यवस्था यथावत जारी है तथा वेतनभोगी करदाताओं के लिए इसमें अतिरिक्त कटौतियों एवं छूटों के माध्यम से इसे और अधिक आकर्षक बनाया गया है।
वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने बताया कि मामूली अनुपालन त्रुटि-जैसे कि रू. 2 लाख की चूक भी बढ़कर रू. 60 से 80 लाख तक की कर मांग में परिवर्तित हो सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कर देनदारी केवल आय पर ही नहीं, बल्कि अज्ञानता एवं लापरवाही पर भी निर्भर करती है।
सावधानियों पर बल देते हुए उन्होंने व्यापारिक समुदाय को मजबूत दस्तावेज़ीकरण बनाए रखने, संपर्क विवरण नियमित रूप से अद्यतन करने, समय-सीमाओं का कड़ाई से पालन करने तथा टीडीएस अनुपालन सुनिश्चित करने की सलाह दी, ताकि दंड एवं अभियोजन से बचा जा सके।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आयकर विभाग अब अत्यधिक तकनीक-संचालित हो चुका है, जो डेटा एनालिटिक्स, सैटेलाइट इमेजरी, वित्तीय खुफिया सूचनाओं तथा बैंकिंग लेन-देन, विदेशी यात्रा एवं उच्च मूल्य व्यय जैसी तृतीय-पक्ष सूचनाओं का उपयोग कर विसंगतियों की पहचान करता है, जिससे जानकारी छिपाने की संभावना अत्यंत सीमित हो गई है।
सत्र में जांच (स्क्रूटिनी) के प्रमुख कारणों जैसे नकद लेन-देन, संपत्ति सौदे, टीडीएस चूक एवं आय में असंगतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कर नियोजन के संदर्भ में उन्होंने आय के समुचित संरचनाकरण, पीपीएफ जैसी छूटों का उपयोग, पूंजीगत लाभ नियोजन, लेन-देन के समय का महत्व तथा उपहार एवं वसीयत के प्रभावी उपयोग जैसी व्यावहारिक रणनीतियाँ साझा कीं।
अपने समापन वक्तव्य में सीए जाखोटिया ने कहा कि समान आय वाले दो करदाताओं की कर देनदारी उनकी योजना एवं अनुपालन रणनीतियों के आधार पर काफी भिन्न हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में सफलता उन्हीं को मिलती है जो निरंतर स्वयं को अद्यतन करते रहते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्यों में दिनेश अग्रवाल, सूर्यकांत अग्रवाल, मनीष जेजानी, राजिंदर सिंह कलसी, हरीश कुकुमानी, मुकुंद पटेल, राजेश पटेल, श्याम सदानी, धीरुभाई पटेल, शांतिभाई पटेल, विनोद पटेल, प्रकाश अग्रवाल, महेश अग्रवाल, मनोज पचिसिया, शिव अग्रवाल, अशोक खेतान, उनीत गोयल, निलेश अग्रवाल, नितिन जैन, हरीश बागड़ी, कृष्णा राठी, ईश्वर अग्रवाल, जतिन भयानि सहित चारों संगठनों के अनेक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन नटवर पटेल (सचिव, NTMA) ने किया, मुख्य वक्ता का परिचय मुकुल अग्रवाल (सचिव, SHCV) ने दिया तथा आभार प्रदर्शन अनिल सरडा (अध्यक्ष, VPMA) ने किया।


























































































