Padmesh-Gupta
राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 से हुए सम्मानित
2 मई 2026 8.40 PM
नागपुर - पद्मेश गुप्ता एक जाने-माने उद्योगपति के तौर पर जाने जाते हैं, जिनमें विजन, बोल्ड फैसले लेने की क्षमता और बेहतरीन लीडरशिप क्वालिटी का संगम है। बहुत कम उम्र में बिजनेस की कमान संभालते हुए, उन्होंने पक्के इरादे, ईमानदारी और स्ट्रेटेजिक सोच के दम पर अलग-अलग सेक्टर में मजबूत इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हासिल किया है।
उनके नेतृत्व में जो इंडस्ट्रियल ग्रुप बना है, उसने हजारों परिवारों को रोजगार के मौके दिए हैं और लोकल और रीजनल इकॉनोमी को नई एनर्जी दी है। बिजनेस में लगातार सफलता के साथ-साथ, उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बनाए रखते हुए कई समाज कल्याण के कामों को बढ़ावा दिया है। समाज में, संतों द्वारा उन्हें “गोवत्स” का मानद टाइटल दिया गया है, जिसे उनकी गौ सेवा, गौ संरक्षण और जीवन के प्रति वैल्यू-बेस्ड नजरिए की पहचान माना जाता है। इस काम की वजह से, उन्हें समाज के अलग-अलग हिस्सों से खास इज्जत और सम्मान मिला है।
उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें कई जाने-माने नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इंडस्ट्री, एजुकेशन सेक्टर और समाज के जाने-माने लीडर्स ने उनके काम की बहुत तारीफ़ की है। उनके बड़े विजन के लिए, वे कई जानी-मानी यूनिवर्सिटी, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और सोशल ऑर्गनाइजेशन में ट्रस्टी के तौर पर काम कर रहे हैं, और एजुकेशन, रिसर्च और देश बनाने को दिशा दे रहे हैं। उनके काम का मुख्य मकसद गांव के युवाओं को आत्मनिर्भरता का रास्ता दिखाना, किसानों को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए काम करना रहा है। (cow comics), इस नए कॉन्सेप्ट के जरिए, उन्होंने गाय पर आधारित गांव की इकॉनोमी को एक नया रूप दिया है और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एक असरदार रास्ता बनाया है।
पारंपरिक खेती और मॉडर्न साइंस को मिलाकर, उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल, सस्टेनेबल और लंबे समय तक चलने वाले डेवलपमेंट की दिशा दिखाई है। उनकी कोशिशों की वजह से गांव के इलाकों में रोजगार पैदा करने, पर्यावरण बचाने और आर्थिक स्थिरता की तिकड़ी बनी है। पद्मेश गुप्ता ने इंडस्ट्री, एजुकेशन और सोशल सर्विस तीनों सेक्टर में बैलेंस्ड, वैल्यू-बेस्ड और विजनरी लीडरशिप देकर एक मिसाल, प्रेरणा देने वाला और लंबे समय तक चलने वाला असर डाला है।
विदर्भ के प्रख्यात उद्योगपति से समाजसेवी बने पद्मेश गुप्ता को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया है।व्यवसाय से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना संपूर्ण समय समाज सेवा, ग्रामीण विकास और किसानों के सशक्तिकरण के कार्यों में समर्पित कर दिया है। गुप्ता के मार्गदर्शन में देवलापार स्थित गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिसके लिए केंद्र को “सर्वोत्तम कृषि पद्धति” पुरस्कार से भी नवाजा गया है। उनके प्रयासों से किसानों को टिकाऊ और लाभकारी खेती के लिए नई दिशा मिली है।
वे देश की कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, अस्पतालों एवं सामाजिक संस्थाओं में ट्रस्टी के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रहे हैं। इससे पूर्व भी उन्हें विभिन्न सामाजिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। एक सफल उद्योगपति के रूप में गुप्ता ने अपने कार्यकाल में हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत हैं। इस अवसर पर गुप्ता ने कहा कि “भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गौ-आधारित कृषि देश की स्थायी प्रगति का आधार है।” उनका जीवन ‘सफलता से सार्थकता’ की ओर बढ़ने का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।


























































































