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20 मई 2026 7.40 PM
नागपुर - विदर्भ टैक्सपेयर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित कर, वर्तमान में अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण निर्माण हुए तनावपूर्ण हालात के कारण देश में बढती महंगाई के दबाव पर चिंता व्यक्त की तथा हालात सामान्य होने तक कुछ सरकारी नकद सब्सिडी वितरण योजनाओं पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया ।
वीटीए अध्यक्ष श्रवणकुमार मालू ने कहा कि देश इस समय वैश्विक तनाव के कारण एक संवेदनशील आर्थिक दौर से गुजर रहा है तथा सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय परिस्थतियों और ईंधन कीमतों में स्थिरता आने तक, कुछ सरकारी नकद सब्सिडी वितरण योजनाओं पर सीमित अवधि के लिए अस्थाई रोक लगाने पर विचार करना चाहिए। मालू ने कहा कि जन-कल्याणकारी योजनाएँ निश्चित रुप से आवश्यक हैं, परंतु वर्तमान परिस्थितयों में संतुलित व व्यावहारिक निर्णय भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं तथा नकद सब्सिडी वितरण पर अस्थाई रोक से सरकार को बढती ईंधन कीमतों और महंगाई को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी ।
वीटीए के सचिव तेजिंदर सिंग रेणु ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितयों का आर्थिक असर अब ईंधन कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि के रुप में भारत पर भी दिखाई देने लगा है। डीजल देश की परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था की रीढ़ है तथा इस दर वृद्धि के कारण उद्योगों की परिचालन लागत लगातार बढ रही है, जिसका प्रभाव प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से लगभग हर वस्तु और सेवा की कीमतों पर भी पड रहा है, परिणामस्वरुप बढती महंगाई उद्योग, व्यापार और आम नागरिकों सभी के लिए एक चिंता का विषय बन गई है।
रेणु ने बताया कि देश में व्यापक स्तर पर नकद सब्सिडी वितरण के कारण कई क्षेत्रों में श्रमिक उपलब्धता भी कम हो गई है, जिस पर उद्योग और व्यापार जगत लगातार चिंता व्यक्त कर रहे हैं। अत: सरकार द्वारा राष्ट्रहित और वर्तमान परिस्थितयों में स्थिरता बनाए रखने हेतु, कुछ नकद सब्सिडी योजनाओं पर अस्थाई रोक लगाने पर विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन के अंत में वीटीए ने प्रधानमंत्री एवं केद्र सरकार से देश की आर्थिक स्थिरता और टैक्सपेयर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए, उचित एवं संतुलित निर्णय लेने का विनम्र आग्रह किया है।


























































































